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"क्या बहुजन समाज का वोट फिर सौदेबाजी का शिकार होगा?"

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बहुजन समाज के पढ़े लिखे शिक्षित नौकरशाही लोग अपने समाज से अशिक्षित गरीब लोगों के वोट का सौदा कांग्रेश ओर बीजेपी के साथ शिर्फ इस लिए कर लेते है कि कांग्रेश ओर बीजेपी के विधायक mp उनका तबादला उनके पैतृक गांव या गांव के आश पास किसी गांव या नजदीकी शहर में करवा देते है ओर नौकर सही लोग इसे नेताओं का बहुत बड़ा अहसान समझते है और इस अहसान का बदला चुकाने के लिए अपने समाज हक अधिकारों को दाव पर लगाकर समाज को सालों तक जुर्म सहने को मजबूर कर देते है यह सब लिखकर कार्टून इमेज के साथ बढ़िया सा पोस्टर बनाकर दो 2011 में जब देश की जनता के रुझान बदलने लगे ओर कांग्रेश बीजेपी को लगा कि अब जनता के बीच बहुजनसमाज पार्टी एक विश्वशनीय पार्टी साल 2011 में देश की जनता कांग्रेस सरकार से बेहद नाराज़ थी। भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों ने लोगों का भरोसा कमजोर कर दिया था। उस समय देश के गरीब, शोषित, पीड़ित और बहुजन वर्ग के बीच यह चर्चा तेज़ होने लगी थी कि Mayawati देश को एक नया विकल्प दे सकती हैं। बहुजन समाज पार्टी को लोग एक मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में देखने लगे थे। इसी बीच देश में अचानक अन्ना आंदोल...